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बकरीद के मौके पर शोसल डिस्टेंसिंग के साथ जानवरों की बाजार लगाए जाने की अनुमति प्रदान की जाए।ताकि गरीब पशुपालको की आर्थिक स्तिथि बेहतर हो सके।

जौनपुर-चंद्र दर्शन के अनुसार ईदुल अज़हा का त्योहार 1 अगस्त को मनाया जाना सुनिश्चित है।कोविड 19 महामारी के कारण ईद उल अज़हा के मौके पर होने वाली कुर्बानी को लेकर मुस्लिम समुदाय संशय में है।शासन व प्रशासन के द्वारा ईद-उल-अज़हा को लेकर किसी भी प्रकार की गाइड लाइन अभी तक नहीं आई है।जिला प्रशासन से अपील है कि मुस्लिम सामाजिक,धार्मिक व राजनीतिक नेताओं के साथ बैठक कर संशय को दूर किया जाना अति आवश्यक है।

उक्त बातें एआईएमआईएम जिलाध्यक्ष इमरान बन्टी ने प्रेस विज्ञप्ति के माध्यम से कही। उन्होंने कहा कि कोरोना महामारी तेजी के साथ देश मे अपने पैर को पसार रही है।जनपद में भी मरीज़ों की संख्या तेजी से बढ़ रही है।जिला प्रशासन द्वारा जारी की गई गाइड लाइन के अनुसार सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करते हुए बाजार खुल रहे हैं।जिससे गरीब,छोटे व्यवसायी के घरों के चूल्हे जल रहे हैं।

वहीं जनपद में पशु पालन का व्यवसाय बड़े पैमाने पर है।जो कि अपने जानवरों को बकरीद के मौके पर बेचते हैं।उन्होंने कहा कि जिस प्रकार शोसल डिस्टेंसिंग का पालन करते हुए बाजार खुल रही हैं उसी प्रकार शोसल डिस्टेंसिंग का पालन करते हुए जिला प्रशासन द्वारा गाइड लाइन जारी कर जानवरों का बाजार लगाना भी सुनिश्चित किया जाए।ताकि गरीब,मजदूरों व पशु पालकों की आर्थिक स्तिथि बेहतर हो सके।

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